तुम्हें किसने कहा कि पेड़ छांव बेचा करते हैं।
दिखा दें दुनिया को, दोस्ती में है कितना रोष।
ये वो रिश्ते हैं जो वक़्त से नहीं दिल से बनते हैं।
“दोस्ती में ना कोई फ़ासला, ना कोई दूरी का ग़म।”
थे तो कमीने, लेकिन रौनक भी उन्हीं से थी।
चाहे दुनिया लाख छुपा ले, वो सच्चाई दिखा जाए।
लेकिन अपनी जान Dosti Shayari का मोबाइल नंबर नहीं देते।
मैं हर दिन यही सोचता हूँ – “तू ही है मेरा यार!”
“यारी में जो बोले ‘अरे चलो’, वही असली दोस्त है।”
हमारी दोस्ती में जितना प्यार है, उतनी शरारतें भी हैं,
वो पल ज़िन्दगी का सबसे खूबसूरत हिस्सा होता है
अब वो जख्मों में बदल गए, जो कभी दिल में सुलगते थे।
“दोस्त बोलें, ‘चलो घूमते हैं’, मगर पर्स कहे, ‘चलो घर चलते हैं।’”
“सच्चा यार वो, जो दिल का बोझ हल्का करे।”